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कुणबी समाजाचा ओबीसी आरक्षण समर्थनार्थ भव्य मोर्चा

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Obc Aarakshan Kunbi Parishad's photo.
Obc Aarakshan Kunbi Parishad's photo.

कुणबी समाजाचा ओबीसी आरक्षण समर्थनार्थ भव्य मोर्चा सम्पन्न्य... .
यवतमाळ...२३ ऑगस्ट २०१४ ,शनिवार दुपारी १२:३० वाजता …
.....................................................................................
मोर्चा चे नेतृत्व :- मा. प्रदीप वादाफले ,
..........................अध्यक्ष ओबीसी आरक्षण समर्थक कुणबी परिषद

क्षणचित्रे :-
@…. महात्मा फुले पुतळ्यापासून जिल्हाधिकारी कार्यालयापर्यंत 
@… महात्मा फुले पुतळा ला हार अर्पण …।
@… भारत रत्न्य बाबासाहेब आंबेडकर पुतळा ला हार अर्पण …
@…. ४००० ते ५००० कुणबी समाज उपस्तीत ….
@… महिलांची उपस्तीती लक्षणीय होती …।
@… भर पावसात सर्व कुणबी दटून उभे राहिले …।
@ …. एस. पी . चौकात मान्यवरांचे मार्गदर्सन व समाजाला आव्हान ।
@…।सर्व कुणबी ,ओबीसी बांधवांनी आपल्या हक्काकरिता ,पुढील पिढीच्या उज्वल भविष्याकरिता मोठ्या संखेने उपस्तीत होते …।

....... कुणबी जागला...
.............ओबीसी आरक्षण समर्थनार्थ उभा झाला..
..........................................मोर्चात सामील झाला …!

सर्वांचे जाहीर आभार .......
.............................................................................................
. सर्व कुणबी ,ओबीसी बांधवांनी आपल्या हक्काकरिता ,पुढील पिढीच्या उज्वल भविष्याकरिता मोठ्या संखेने उपस्तीत होते .....

डांस कर रहे थे DIG

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इनको तो झलक दिखलाजा में भेजो पुलिस में क्या कम इनका ?गैंगरेप के बाद मर्डर से फैला था सांप्रदायिक तनाव, डांस कर रहे थे DIGएक नाबालिग लड़की की गैंगरेप और हत्‍या के बाद बीते रविवार की रात जब उत्‍तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था, तब जिले के आला पुलिस अफसर एक रंगारंग कार्यक्रम में डांस कर रहे थे। फैजाबाद रेंज के डीआईजी नीलाभजा चौधरी और फैजाबाद के पूर्व सीडीओ अखंड प्रताप सिंह की डांसर्स के साथ डांस करती तस्‍वीरें सामने आई हैं। ये तस्‍वीरें 17-18 अगस्‍त की रात की हैं। उसी रात गैंगरेप और हत्‍या की शिकार लड़की को तनाव भड़कने के चलते पुलिस ने जबरन दफन करवा दिया था। परिवार वाले हिंदू परंपरा के मुताबिक उसका दाह संस्‍कार करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं करने दिया था। उधर, पुलिस अधिकारियों की ये तस्‍वीरें सामने आने के बाद डीएम ने कहा कि मामले की रिपोर्ट मंगाई गई है और उसे देखने के बाद उचित कदम उठाया जाएगा।मंगलवार को सामने आई पुलिस के आला अधिकारियों की तस्‍वीरों पर किसी को जवाब देते नहीं बन रहा। डीआईजी का कहना है कि वह सीआरपीएफ की 63वीं बटालियन के स्‍थापना दिवस समारोह में बतौर अतिथि गए थे। पूर्व सीडीओ का कहना है कि उनका कुछ दिन पहले ही तबादला हो गया था और उन्‍हें बतौर मेहमान कार्यक्रम में बुलाया गया था।

इनको तो झलक दिखलाजा में भेजो पुलिस में क्या कम इनका ?
गैंगरेप के बाद मर्डर से फैला था सांप्रदायिक तनाव, डांस कर रहे थे DIG
एक नाबालिग लड़की की गैंगरेप और हत्‍या के बाद बीते रविवार की रात जब उत्‍तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था, तब जिले के आला पुलिस अफसर एक रंगारंग कार्यक्रम में डांस कर रहे थे। फैजाबाद रेंज के डीआईजी नीलाभजा चौधरी और फैजाबाद के पूर्व सीडीओ अखंड प्रताप सिंह की डांसर्स के साथ डांस करती तस्‍वीरें सामने आई हैं। ये तस्‍वीरें 17-18 अगस्‍त की रात की हैं। उसी रात गैंगरेप और हत्‍या की शिकार लड़की को तनाव भड़कने के चलते पुलिस ने जबरन दफन करवा दिया था। परिवार वाले हिंदू परंपरा के मुताबिक उसका दाह संस्‍कार करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं करने दिया था। उधर, पुलिस अधिकारियों की ये तस्‍वीरें सामने आने के बाद डीएम ने कहा कि मामले की रिपोर्ट मंगाई गई है और उसे देखने के बाद उचित कदम उठाया जाएगा।मंगलवार को सामने आई पुलिस के आला अधिकारियों की तस्‍वीरों पर किसी को जवाब देते नहीं बन रहा। डीआईजी का कहना है कि वह सीआरपीएफ की 63वीं बटालियन के स्‍थापना दिवस समारोह में बतौर अतिथि गए थे। पूर्व सीडीओ का कहना है कि उनका कुछ दिन पहले ही तबादला हो गया था और उन्‍हें बतौर मेहमान कार्यक्रम में बुलाया गया था।

पूंजी की खोज में दीदी चली सिंगापुर

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पूंजी की खोज में दीदी चली सिंगापुर,बंगाल में अब तृणमूल वाम गठबंधन का इंतजार

कामरेड ज्योति बसु और कामरेड बुद्धदेव भट्टाचार्य के चरण चिन्हों का अनुसरण करते हुए मां माटी मानुष सरकार की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूंजी की खोज में विदेश यात्राओं का सिलसिला शुरु करने जा रही हैं।पीपीपी माडल के मुताबिक विदेशी पूंजी के बिना विकास जाहिर है कि असंभव है और दीदी ने सत्ता में आने के बाद वाम नेताओं की तरह इस चरम सत्य की उपलब्धि कर ली है।

---एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास

तमाम उद्योग कारोबारी मेलों,उत्सवों के बावजूद पूजी निवेश बंगाल में हो नहीं रहा है।नई शहरीकरण नीति के तहत निरंकुश प्रोमोटर राज के बंदोबस्त.शापिंग माल हास्पीटल हब नालेज इकोनामी को खुल्ला छूट और विकास की सुनामी के सरकारी दावों के बावजूद बंगाल में उद्योग और कारोबार का माहौल सुधर नहीं रहा है।दूसरी ओर राजनीति तौर पर वाम दलों की तरह दीदी का जनाधार भी खिसकने लगा है।
खास बात लेकिन यह है कि सुषमा स्मार्ट सिटी परियोजना में सिंगापुर को शामिल करने की संभावना तलाशेंगी और यह भी देखेंगी कि क्या अन्य भारतीय शहरों के पुनरुद्धार में सिंगापुर भागीदारी कर सकता है या नहीं। इन अन्य शहरों में बंगाल के कितने शहर हो सकते हैं,कहना मुश्किल है।वैसे यह रोचक तथ्य है कि सिंगापुर आसियान समूह में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है और साथ ही यह भारत में एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत है जो पिछले वर्ष 5.9 अरब डॉलर रहा।इसी एफडीआई राज के खिलाफ तोपें दागने से दीदी अघाती नहीं।लेकिन यह भी सच है कि पिछले दशक में सबसे अधिक भारतीय निवेश आकर्षित करने में भी सिंगापुर अग्रणी देश रहा और वहां 4,000 से 4,500 भारतीय कंपनियों के कार्यालय हैं।

दरअसल देश की दो बड़ी राजनेत्रियों का सिंगापुर जाने का कार्यक्रम है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 15 अगस्त को सिंगापुर की यात्रा पर जाएंगी तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 17 अगस्त को वहां जाएंगी। सुषमा स्वराज की यात्रा के एजेंडा में सिंगापुर के साथ सहयोग बढ़ाना विशेषकर सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना का क्रियान्वयन और दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों की 50वीं वर्षगांठ का जश्न मनाना शामिल है। अपनी तीन दिवसीय सिंगापुर यात्रा के दौरान सुषमा वहां के प्रधानमंत्री ली सिएन और विदेश मंत्री के. षणमुगम सहित शीर्ष नेताओं के साथ बैठक करेंगी।मोदी ने जिन सौ स्मार्ट सेज सिटी का ऐलान किया है,संजोग से उनमे से दस दीदी बंगाल में चाहती हैं।नये कोलकाता से लेकर शांतिनिकेतन तक को स्मार्ट सिटी बनाना चाहती हैं दीदी।लेकिन इस संजोग के अलावा फिलहाल दोनों नेताओं की सिगापुर यात्रा के साझे रसायन का फार्मूला अभी अनजाना है।

राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है।दीदी का भाजपा के साथ गठबंधन रहा है और माकपाइयों का कांग्रेस के साथ।मुश्किल यह है कि केंद्रकृत सत्ता और आर्थिक मदद अनुदान केलिए विपक्षी राज्य सरकारों को भी केंद्र की नीतियों पर चलना पड़ता है।इससे भी बड़ी मुश्किल यह है कि जिस पीपीपी माडल के विकास और राजनीति पर निर्भर है सत्तादखल का खेल,उस पिच पर आर्थिक नीतियों के खिलाफ बगावत नहीं की जा सकती। राजनीतिक जिहाद से इस देश में कोई किसी को रोकता नहीं है।
मोदी सरकार के पीपीपी माडल के विकास के लिए ही दीदी सिंगापुर जा रही हैं जैसे कामरेड नेता सकल यूपीए की आर्थिक नीतियों के तहत ही पूंजीवाद के स्वर्णिम राजपथ पर विचारधारा गंगा में डालकर दौड़ते रहे थे।गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राखी पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर शनिवार को भाजपाई राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी तथा फिल्म अभिनेता शाहरूख खान को राखी बांधी।
लेकिन वोट कीराजनीति भारी बला है।हर कदम पर कदमबोशी करते रहो,लेकिन खुदा को भी मालूम न हो,सत्ता की राजनीति दरअसल कुलमिलाकर यही है।दीदी गुजरात विकास माडल लागू करने के लिए गुजराती पीपीपी धूमधड़ाके केलिए बेसब्र बेताब जरूर हैं,लेकिन जनतामध्य उन्हें भी वामदलों से ज्यादा धर्मनिरपेक्ष दिखना है।जाहिर है कि भाजपा से जैसे वामदलों का आपातकाल अवसान जैसा गठबंधन का समीकरण फिलहाल बन नहीं रहा है और उनकी धर्मनिरपेक्ष राजनीति उन्हें केसरियाखेमे के साथ खड़ा नहीं होने देती ,भले ही केसरिया कारपोरेट से परहेज न दीदी को है और न वाम को।आवाम कोबुरबक बनाने के लिए इन्हीं दो धर्मनिरपेक्ष खेमों के रसायन आविस्कार की प्रतीक्षा है।
इस पर तुर्रा यह कि वामदलों की तरह संग परिवार भी कैडरबेस हैं और उनके स्वयंसेवक सत्ता बदलने से भेड़धंसान भी नहीं हैं।वे बंगाल में पहले से ही सक्रिय रहे हैं और मौसम बदलते ही जमीन से बाहर निकल आये हैं।वामपक्ष और तृणमूल के लिए यही सबसे बड़ी प्राकृतिक विपदा है।अब भाजपा को स्पेस दिया तो गैरभाजपाी दलों के लिए मुश्किल हो जायेगी।दूसरी ओर कांग्रेस अभी घनघोर मंदी के दौर में है।इसलिए बंगाल में अनेक लोगों को अगले चुनाव तक तृणमूल कांग्रेस गठबंधन का इंतजार है।संघी सक्रियता के मद्देनजर आपसी विवाद सत्ता संघर्ष भूलकर अपना अपना वजूद बचाने के लिए लाजिक के हिसाब से इससे बेहतर कोई दूसरा चारा है ही नहीं।नवान्न में भोज खाकर कामरेडों ने इस समीकरण का दरवाजा पहले ही खोल दिया है।
इसपर तुर्रा यह कि शारदा समूह के एकके बाद एक कबार्ड से नरकंकालों की बदबू जो फैलने लगी है,उससे दीदी को सिंगापुर आकर पूंजी मिले या नहीं,चैन मिलना भी मुश्किल है।कल कारखानों,चायबागानों के अलावा अब बंगाल के अस्पतालों में भी मृत्युजुलूस निकलने लगा है।जंगलमहल में शांति बहाल है फिलहाल और वहां के सलवा जुड़ुम भूगोल में चाकचौबंद सुरक्षा इंतजाम भी है,लेकिन खिलखिलाता हुआ पहाड़ बेदखल है।यूनियनें बेकाबू होती जा रही हैं और बस मालिकों ने तीन  दिनों की हड़ताल की घोषणा कर रखी है।पार्टी नेताओं में मारामारी से वाम दल जितने परेशान हैं,उनसे कम परेशान नहीं है दीदी।
भाजपाइयों का हौसला बुलंद है और राज्य में अब राजनीतिक हिंसा की वजह वाम तृणमूल संघर्ष के बजाये या तो तृणमूल तृणमूल संघर्ष है या फिर तृणमूल भाजपा संघर्ष है।
आज जिन भारी पुलिस अफसर रजत मजुमदार के यहां छापे पड़े,वे राज्य के एक अतिचर्चित मंत्री के खासमखास हैं जो शारदा वकील पियाली की रहस्यमय मौत के सिलसिले में कटघरे में हैं।मतंग सिंह और उनकी पत्नी से भी सत्तासमूह के उतने ही मधुर संबंध हैं,जितने कि उद्योगपति रमेश गांधी से।अपनी खालें बचाने के लिए घोषित अघोषित ना तृणमूली वममोर्चा वक्त का तकाजा है।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी 17 अगस्त से छह दिवसीय सिंगापुर यात्रा पर जाएंगी। उनकी यह यात्रा सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्ते सुधारने के लिए सिंगापुर के निमंत्रण पर हो रही है।
   वर्ष 2011 में पदभार संभालने के बाद से यह उनकी पहली विदेश यात्रा होगी।
   उनके साथ ‘बहुत उच्च स्तरीय’ सरकारी और व्यापारिक शिष्टमंडल जाएगा। वह इस मौके का इस्तेमाल राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगी।   यात्रा के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्र ने कहा है कि सिंगापुर के विदेश मंत्री के. षनमुगम ने रिश्तों में सुधार के लिए बनर्जी को आमंत्रित किया था और उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर लिया।   उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मजबूत रिश्ते बनाना चाहती हैं और वह सिंगापुर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगी।
   उन्होंने कहा कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री, राज्य के प्रमुख सचिव और कुछ अन्य विभागों के सचिवों तथा एक सांसद शामिल होगा। उन्होंने सांसद का नाम नहीं बताया।   उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ जाने वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में बड़े उद्यमी शामिल होंगे। वे अपने खर्चे पर जाएंगे।  
2013 में पश्चिम बंगाल में 26 पॉलिटिकल मर्डर के मामले सामने आए हैं। जो कि पूरे देश का 25 प्रतिशत से भी ज्यादा है।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2013 में पूरे देश में 101 पॉलिटिकल मर्डर के केस सामने आए हैं।
  • जिनमें से 26 पश्चिम बंगाल में हुए हैं।
  • वहीं, मध्य प्रदेश इस सूची में दूसरे स्थान पर आता है। जहां 2013 में 22 पॉलिटकल मर्डर किये गये थे।
  • और, 12 पॉलिटिकल मर्डर के साथ तीसरे स्थान पर बिहार है।
वर्ष 2012 में पश्चिम बंगाल इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर था। वहीं, बिहार में 2012 में 32 पॉलिटिकल मर्डर का केस पाया गया था और मध्यप्रदेश में 28। पॉलिटिकल कमेंन्टेटर विश्वनाथ चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर कहा कि यहां राजनीतिक मतभिन्नता काफी ज्यादा है। साथ ही यहां की सोसाइटी भी काफी राजनीतिक रंग में रंगी हुई है।आपको बता दें, सोमवार को ही फिर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में हिंसा देखने को मिली थी, जहां भाजपा के कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। चक्रवर्ती ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी के अंदर भी काफी वातावरण काफी गर्म हो जाता है। जो कि पॉलिटिलक मर्डर जैसी घटनाओं को बढ़ावा देता है।
दूसरी ओर,दैनिक देशबंधु की यह रपट भी देखेंः
पश्चिम बंगाल की सरकार के बड़े-बड़े वादों के बावजूद राज्य में बड़ी परियोजनाओं के लिए कोई निवेश नहीं हो रहा है, पुरानी प्रतिष्ठित इकाइयां बंद हो चुकी हैं और लूट-खसोट चरम पर है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में हालांकि कुछ उम्मीद की किरण दिखाई पड़ रही है। पिछले सप्ताह राज्य के वित्त और उद्योग मंत्री अमित मित्रा ने कहा था, बंगाल में लगने वाली औद्योगिक परियोजनाओं की सूची इतनी लंबी है कि उसे पढऩे में पूरा एक दिन लग सकता है।उन्होंने हालांकि जिन परियोजनाओं का जिक्र किया है, उनमें से अधिकतर की योजना पूर्व वामपंथी सरकार के कार्यकाल में बनी थी।
कोलकाता के एक उद्योगपति ने बताया,  यदि बड़ी परियोजनाएं नहीं आती हैं, तो सहायक गतिविधियों का विकास नहीं होगा। नया रोजगार पैदा नहीं होगा। दुर्भाग्य से इस तरह का निवेश नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि हाल में एक मात्र बड़ा निवेश हुआ है-हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड। इसकी स्थापना वामपंथी सरकार द्वारा हुई थी। वह भी खराब स्थिति में है।उद्योगपति ने लूट खसोट का चित्रण करते हुए कहा, वामपंथी सरकार के दिनों में उद्योगपतियों को सिर्फ एक आदमी को पैसे देने होते थे। अब यदि आप एक को पैसे देते हैं, तो दो और सामने आ जाएंगे और दोगुना अधिक मांगेंगे। यह प्रक्रिया आगे चलती रहेगी। एंबेसडर कार निर्माता हिंदुस्तान मोटर्स, टायर निर्माता डनलप और रंग विनिर्माता शालीमार पेंट्स जैसी अंग्रेजी राज के दिनों की कंपनियों ने अपना संचालन स्थगित कर दिया है।
अर्थशास्त्री दीपांकर दासगुप्ता ने कहा, लंबे समय से राज्य में बड़ी परियोजनाएं नहीं आ रही हैं। एक मात्र अपवाद थी टाटा मोटर्स की नैनो परियोजना। उन्होंने हालांकि कहा कि उम्मीद की किरण हालांकि तीन परियोजनाओं में दिखाई पड़ रही है। ये हैं - बर्दमान जिले के अंदर की आगामी एरोट्रोपोलिस परियोजना, एमएसएमई को मजबूत करने की राज्य सरकार की कोशिश और अगस्त में होने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सिंगापुर यात्रा। एरोट्रोपोलिस ऐसे नगर क्षेत्र को कहते हैं, जिसकी अर्थव्यवस्था के केंद्र में एक हवाईअड्डा होता है।

সারদাকাণ্ডে দেশ জুড়ে তল্লাশি সিবিআইয়ের

সংবাদ সংস্থা

সারদাকাণ্ডে ফের এক বার দেশ জুড়ে তল্লাশি অভিযান চালালো সিবিআই। বৃহস্পতিবার সকাল থেকে কলকাতা-সহ দেশের মোট ২৮টি জায়গায় একযোগে শুরু হয় সিবিআই তল্লাশি। শুধুমাত্র কলকাতাতেই ১০টি জায়গায় চলে এই তল্লাশি।

এ দিন সকাল ৯টা নাগাদ কলকাতার নিজাম প্যালেসের অফিস থেকে দশটি দলে ভাগ হয়ে অভিযান শুরু করে সিবিআই। পূর্ব সিঁথিতে ইস্টবেঙ্গল কর্তা দেবব্রত সরকারের বাড়ি, প্রিন্স আনোয়ার শাহ রোডে রমেশ গাধীঁর অফিস-সহ তল্লশি চলছে সুদীপ্ত সেনের স্ত্রী পিয়ালী সেনের বাগুইআটির বাড়িতেও। তল্লাশি চলছে জেনাইটিসের প্রাক্তন অধিকর্তা শান্তনু ঘোষের বাড়িতেও। তবে প্রাক্তন পুলিশকর্তা রজত মজুমদারের পদ্মপুকুরের বাড়িতে গেলেও তিনি বাড়িতে না থাকায় সেখানে তল্লাশি শুরু হয় অনেক পরে। সূত্রের খবর, রজতবাবু কলকাতায় ফেরার পর তল্লাশি শুরু হয়।

সিবিআইয়ের তরফে আগেই জানানো হয়েছিল, সারদা মামলায় জড়িত প্রভাবশালী ব্যক্তিদের তালিকা তৈরির কাজ চলছে। ১৫ অগস্টের পর তাঁদের ডাকার ইঙ্গিতও দিয়েছিল কেন্দ্রীয় তদন্তকারী সংস্থা। তার আগেই এ দিনের এই তল্লাশিতে বেশ কিছু গুরুত্বপূর্ণ তথ্য ও নথি পাওয়া গিয়েছে বলে জানিয়েছেন সিবিআইয়ের আধিকারিকেরা।

কলকাতা ছাড়াও দিল্লি, ওড়িশা ও গুয়াহাটির একাধিক জায়গায়ও এ দিন হানা দেয় সিবিআই। দিল্লিতে প্রাক্তন মন্ত্রী মাতঙ্গ সিংহ এবং তাঁর স্ত্রী মনোরঞ্জনা সিংহের বাড়িতে চলে তল্লাশি।

সারদার কাছ থেকে মোটা বেতন ও গাড়ি পেতেন তৃণমূল-ঘনিষ্ঠ প্রাক্তন পুলিশ কর্তা রজত মজুমদার

প্রকাশ সিংহ, সমিত সেনগুপ্ত ও রঞ্জিত সাউ, এবিপি আনন্দ

बलिराज पूजन

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बलिराज पूजन
महर्षि अगस्त्य मन्दिर में बलिराज पूजन का भव्य आयोजन किया गया। वैसे तो भारत में विभिन्न स्थानों पर भगवान वामन की पूजा के साथ राजा बलि दीपावली के दिन मां लक्ष्मी का स्वागत करते हैं। परन्तु केदारखण्ड में केवल महर्षि अगस्त्य के मन्दिर में ही यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है। इस अवसर पर मन्दिर के फ्रांगण में पुजारी भक्तों के साथ वामन भगवान को मध्यस्थ रखकर चावल और धान से राजा बलि, भगवान वामन एवं गुरू शंकराचार्य की अनुकृतियां बनाते हैं। जिनको दियों से सजाया जाता है ये दिए भक्तजन अपने घरों से लेकर आते हैं। सांयकालीन आरती के साथ दीपोत्सव फ्रारम्भ होता है। जिसमे सैकड़ों की संख्या में भक्तजन उपस्थित होते हैं। आरती के समापन के बाद भक्तजन भगवान के आशीर्वाद के रूप में, अपनी सुख समृद्धि के लिए इन दियों को अपने घर लेजाकर घर में लक्ष्मी पूजन कर घर को रोशन करते है। पौराणिक ग्रन्थों में देवमाता अदिति द्वारा भगवान विष्णु की तपस्या का वर्णन मिलता है। तपस्या से फ्रसन्न होकर भगवान अदिति के घर में पुत्र रूप में जन्म लेते हैं। जो कि भगवान का वामन स्वरूप कहलाया। उसी काल में असुरों में एक महान दानी राजा बलि हुए जो कि अपनी दानवीरता के लिए फ्रसिद्ध थे। देवता इस डर से कि कहीं राजा बलि स्वर्ग पर अपना अधिकार न जमा ले भगवान से उन्हें इससे मुक्ति दिलाने की फ्रार्थना करते है। इसी फ्रार्थना के बाद भगवान वामन राजा बलि के पास जाकर तीन पग भूमि दान स्वरूप मांगते हैं। सभी मंत्री एवं गुरू पाचार्य के लाख समझाने के बाबजूद दानवीर राजा बलि तीन पग जमीन देने के लिए तैयार हो जाते हैं।
भगवान वामन विशाल सवरूप में आकर एक पग में पृथ्वी तथा एक पग में आकाश को नापकर तीसरे पग के लिए भूमि मांगते हैं। राजा बलि तीसरे पग को अपने सिर पर रखने को कहते है। भगवान वामन के ऐसा करते ही राजा बलि पाताल में चले जाते हैं। और इस फ्रकार देवताओं को राजा बलि से छुटकारा मिल जाता है। भगवान वामन राजा बलि की दानवीरता से फ्रसन्न होकर वर मांगने को कहते हैं। राजा बलि मांगते हैं कि कार्तिक मास की कृष्ण पख की त्रयोदशी, चतुर्दशी एवं अमावस्या के तीन दिन धरती पर मेरा शासन हो। इन तीन दिनों तक लक्ष्मी जी का वास धरती पर हो तथा मेरी समस्त जनता सुख समृद्धि से भरपूर हो। महर्षि अगस्त्य मन्दिर के म"ाधीश पं0 अनसूया फ्रसाद बैंजवाल मन्दिर के पुजारी पं0 विष्णुदत्त बैंजवाल, पं0 योगेश बैंजवाल एवं भूपेन्द्र बैंजवाल आदि ने बताया कि बलिराज पूजन की यह फ्रथा यहां सदियों से चली आ रही है। इस फ्रथा के चलन में पौराणिकता के साथ ही सामाजिकता का भी पुट है। यहाँ सभी भक्तों का सामूहिक रूप में दीपावली मनाने का नजारा अलग ही होता है। बाद में भगवान के आशीर्वाद के फ्रतीक के तौर पर दियों को अपने घर ले जाकर अपनी सुख समृद्धि की कामना करना लोगो की आस्था व असीम श्रद्धा का फ्रतीक है।
-----------------------Balirajya party

महाराष्ट्रा का आनेवाला मुख्यमंत्री या तो ब्राह्मण रहेगा या मराठा.

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कुछ दिन पहीले आयबीएन नेल्सन चुनावपूर्व सर्वे ने बताया है की आने वाले चुनाओमे महाराष्ट्रा मे भारी बहुमत से युति की सरकार आनेवाली है. उसी सर्वे ने एक खास बताई थी की मुख्यमंत्री के लिए लोगोकी सबसे जादा पसंद यनेकी 21% विद्यमान मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान के लिए है. दूसरे नंबर पर देवेन्द्र फडनविस को 16% पसंद बताई थी. कॉंग्रेस के प्रवक्ता चंदुरकर ने यह बहस इस लिए छोड़ दी थी की यह सर्वे बकवास है. उनका कहना था की अगर जो लोग सबसे जाड़ा पसंदी अघड़िके चव्हान को दे रहे है वही लोग भारी बहुमत युति को कैसा दे सकते है. चुनावपूर्व सर्वे जनमत बननेका एक दबाव तंत्र है. इस दबाव तंत्र को जानते हुए सर्वोच्च न्यायालयने भी चुनाव की आचारसंहिता के चलते एसे सर्वे पे पाबंदी लगाई है. भाई यो यह ख्याल मे रखिए ये सर्वे प्रस्तापित पक्षोके हतख़ांडे होते है. जैसे की उपरॉक्ी सर्वे यह बात बताता है की जैसे महाराष्ट्रा का आनेवाला मुख्यमंत्री या तो ब्राह्मण रहेगा या मराठा. मतलब 85 % अनुसूचित जाती/जनजाति ओबीसी एवम् अल्पसंख्यक यह विचार ही ना करे की आपका कोई मुख्यमंत्री भी बन सकता है. दूसरे कॉंग्रेस राष्ट्रवादी भाजपा शिवसेना छोड़के अन्य पक्ष को तो बहुमत मिल ही नही सकता. तो आप अपना बहुमूल्य वोट इन्ही चार पक्षोमे देने की सोचे. सर्वे के मध्यमसे बन ने वाली एसी सोच लीकशाहिका गला घोटनेवाली है. संविधान कहता है की मुख्यमंत्री वो बनेगा जिसको चुनके आए हुए विधानसभा सदस्यो मे आधेसे जादा समर्थन दे. चाहे वो व्यक्ति किसी पक्षका हो या अपक्ष. यहा तक की जो व्यक्ति चुन के भी ना गया हो मगर आधेसे जादा सदस्य जिसको समर्थन दे वह मुख्यमंत्री बनता है; हाला की शर्त होती है की एइसा मुख्यमंत्री 6 महीनेके भीतर सदन का सदस्य बने. उदाहरण के तौरपार : माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्रा मोदी पहले बार जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने वे गुजरात विधानसभके किसी भी सदन के सदस्य नही थे. मैं मेरा वोट इस सर्वे के पूरी तरह से बाहर करनेवाला हू. आपकी आप जाने. जय भारत जय संविधान.

 

सी.एम. हेल्पलाइन

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सी.एम. हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के निराकरण में लापरवाही पर आरोन तहसीलदार निलंबित

सी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं जन-समस्याओं के निराकरण की कार्यवाही गंभीरता से नहीं करने पर ग्वालियर संभाग के कमिश्नर श्री के.के. खरे ने आरोन के तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। उन्होंने अन्य अधिकारियों को जन शिकायतों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता और तत्परता से करने के निर्देश भी दिए हैं।आम जनता से जुड़ी शिकायत एवं समस्या सी.एम. हेल्पलाइन में दर्ज होती है। इनका त्वरित निराकरण अधिकारियों को करना होता है। इसी प्रक्रिया में गुना जिले की आरोन तहसील की ग्राम पंचायत वृंदावन के श्री रणदीप सिंह धाकड़ द्वारा सीमांकन के संबंध में दो शिकायत दर्ज करवाई गई। तहसीलदार एवं कलेक्टर-स्तर पर किये गये निराकरण से संतुष्ट नहीं होने पर, शिकायत संभाग आयुक्त को प्राप्त होने पर संभागायुक्त द्वारा कलेक्टर गुना से कार्यवाहियों की जानकारी चाही गई। कलेक्टर ने तहसीलदार आरोन के प्रतिवेदन को संभागायुक्त को भेजा जिसमें सीमांकन किया जाना अंकित करते हुए शिकायत नस्तीबद्ध किया जाना प्रस्तावित किया गया था।


सी.एम. हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के निराकरण में लापरवाही पर आरोन तहसीलदार निलंबितसी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं जन-समस्याओं के निराकरण की कार्यवाही गंभीरता से नहीं करने पर ग्वालियर संभाग के कमिश्नर श्री के.के. खरे ने आरोन के तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। उन्होंने अन्य अधिकारियों को जन शिकायतों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता और तत्परता से करने के निर्देश भी दिए हैं।आम जनता से जुड़ी शिकायत एवं समस्या सी.एम. हेल्पलाइन में दर्ज होती है। इनका त्वरित निराकरण अधिकारियों को करना होता है। इसी प्रक्रिया में गुना जिले की आरोन तहसील की ग्राम पंचायत वृंदावन के श्री रणदीप सिंह धाकड़ द्वारा सीमांकन के संबंध में दो शिकायत दर्ज करवाई गई। तहसीलदार एवं कलेक्टर-स्तर पर किये गये निराकरण से संतुष्ट नहीं होने पर, शिकायत संभाग आयुक्त को प्राप्त होने पर संभागायुक्त द्वारा कलेक्टर गुना से कार्यवाहियों की जानकारी चाही गई। कलेक्टर ने तहसीलदार आरोन के प्रतिवेदन को संभागायुक्त को भेजा जिसमें सीमांकन किया जाना अंकित करते हुए शिकायत नस्तीबद्ध किया जाना प्रस्तावित किया गया था।संभागायुक्त ने प्रकरण के परीक्षण में पाया कि तहसीलदार द्वारा मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता में सीमांकन के लिए वर्णित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और न ही फील्ड बुक बनवाई गई। तहसीलदार को चाहिए था कि विधिवत समस्त सरहदी काश्तकारों को नोटिस जारी करते और सीमांकन की फील्ड बुक बनवाते। विधिवत पंचनामा बनवाते तथा जो भी स्थिति होती उसके अनुसार कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सीमांकन पुष्ट करने एवं नहीं करने के संबंध में निर्णय लेते।इस प्रकार तहसीलदार द्वारा सी.एम. हेल्पलाइन जैसी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली व्यवस्था से प्राप्त आवेदन को गंभीरता से नहीं लिया गया। बिना कोई प्रक्रिया का पालन किये कार्यवाही कर शिकायत नस्तीबद्ध किया जाना प्रस्तावित कर दिया गया। तहसीलदार आरोन श्री डी.के. शर्मा को दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर कमिश्नर द्वारा निलंबित कर दिया गया।

संभागायुक्त ने प्रकरण के परीक्षण में पाया कि तहसीलदार द्वारा मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता में सीमांकन के लिए वर्णित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और न ही फील्ड बुक बनवाई गई। तहसीलदार को चाहिए था कि विधिवत समस्त सरहदी काश्तकारों को नोटिस जारी करते और सीमांकन की फील्ड बुक बनवाते। विधिवत पंचनामा बनवाते तथा जो भी स्थिति होती उसके अनुसार कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सीमांकन पुष्ट करने एवं नहीं करने के संबंध में निर्णय लेते।इस प्रकार तहसीलदार द्वारा सी.एम. हेल्पलाइन जैसी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली व्यवस्था से प्राप्त आवेदन को गंभीरता से नहीं लिया गया। बिना कोई प्रक्रिया का पालन किये कार्यवाही कर शिकायत नस्तीबद्ध किया जाना प्रस्तावित कर दिया गया। तहसीलदार आरोन श्री डी.के. शर्मा को दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर कमिश्नर द्वारा निलंबित कर दिया गया।

शेटजी-भटजी चा पक्ष

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लोकनेते स्व. गोपीनाथराव मुंडे साहेबांचे अपार कष्ट , बहुजन समाजघटकांची बांधलेली मोट व दणदणीत डावपेच यामुळे महायुती राज्यात 42 जागा जिंकू शकली हे आज विरोधक देखील मान्य करतात.
साहेबांची धक्कादायक एक्जीट झाल्याने महाराष्ट्राच्या बहुजनांचा आवाज दिल्ली दरबारी क्षीण झालाय.
महाराष्ट्राकडुन मंत्रीमंडळात असलेले गडकरी, जावडेकर, गोयल यांच्या कडे असलेली खाती पाहीली की "शेटजी-भटजी चा पक्ष "अशीच भाजपा ची प्रतिमा साहेबांनंतर होते आहे.सर्व समाजघटकांना सोबत जोडताना साहेबांनी जी आश्वासने दिली होती, मराठवाडा विकासाचे जे स्वप्न पाहिले होते त्याचे काय होणार ?? असा यक्षप्रश्न बहुजन जनता व कार्यकर्ते विचारत आहेत. माझ्या मते भाजपा व महायुती यांना जर बहुजन समाजाचा विश्वास कायम ठेऊन विधानसभा काबीज करायची असेल तर आ.पंकजाताई मुंडे-पालवे यांना साहेबांच्या रिक्त जागेवर मंत्रीमंडळात सन्मानाने स्थान द्यावे लागेल. 

साहेबांची ऊत्तराधिकारी म्हणुन नव्हे तर साहेबांचे स्वप्न , आश्वासन पुर्ण करण्याचे ऊत्तरदायीत्व म्हणुन
" केंद्रीय ग्रामविकास मंत्री"पद ताईंना बहाल होणे अत्यावश्यक आहे. नाहीतर काय ? ?
"भाजप मध्ये बहुजन समाजाच्या नेत्यांना कसा अन्याय सोसावा लागतो , हा फक्त विशिष्ट समुदायाचे हित जोपासनारा पक्ष आहे "अशी द्वाही काॅन्ग्रेस- राष्ट्रवादी चांदा ते बांदा फिरवून विधानसभेवर पुन्हा कब्जा करण्याचीच शक्यता अधिक आहे.लोकांना सर्वसमावेशक , संयत ,पुरोगामी बहुजन महिला नेतृत्व तेही लोकनेते मुंडेसाहेबांचे रक्त व विचार अंगात पुरेपुर भिनलेल्या आ.पंकजाताई कडून खूप अपेक्षा आहेत. 
त्यांना डावलले तर पाठीराखे काय भूमिका घेतील याची कुणाला ही कल्पना नाही ईतके वातावरण तप्त आहे. 
लोकनेते कायमच दरबारी नेतृत्वाला सलत असतात आणि यावेळी जर साहेबांप्रमाणे ताईंवर अन्याय करण्यात आला तर " राजशेखर रेड्डी यांच्या नंतर आंध्र प्रदेशात काॅन्ग्रेस चे काय झाले " हा इतिहास जास्त जुना नाही......!!!


------------Shailab Dongardive


उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भीषण बारिश

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उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में पिछले 48 घंटों से जारी भीषण बारिश, भूस्खलन और मलबे में दबकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है.

अधिकारियों ने अगले 24 घंटे में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.हरिद्वार में गंगा ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है जबकि ऋषिकेश में भी उसका पानी तटों को छू रहा है.अधिकारियों ने निचले इलाक़ों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है.गुरुवार रात से जारी बारिश ने राज्य के कई इलाक़ों में तबाही मचाई है.क करें

राज्य के पौड़ी ज़िले में मलबा आने के कारण 14 लोगों की मौत हो गई है. पौड़ी में सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है.वहीं राजधानी देहरादून में भूस्खलन के बाद तीन मकान मलबे में दब गए थे. उनमें से सात लोगों के शव बाहर निकाल लिए गए हैं.प्रशासन की तरफ़ से 27 लोगों के मौत की पुष्टि की गई है. मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दूर-दराज के इलाक़ों से जानकारी मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. करें  राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ज़िलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य करने का निर्देश दिया था.

" छत्तीसगढ़ का इतिहास ,राजनीतिक एवं सांस्कृतिक

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वन्दे मातरम् मित्रों ,
आज मै आप सबको इतिहास के उन पन्नों की झलक दिखाना चाहता हूँ जिसमे तत्कालीन महासमुंद तहसील के क्रांतिकारियों का उल्लेख स्वर्ण अक्षरों में है | डॉ भगवान् सिंह वर्मा द्वारा लिखित " छत्तीसगढ़ का इतिहास ,राजनीतिक एवं सांस्कृतिक " के पृष्ठ - 162 में पढ़ें जिसमें लक्ष्मी नारायण तेली का पुलिस पिटाई में शहीद होने का विवरण दिया गया है | सलिहा-अमसेना के भांठा में सत्याग्रहियों की याद में ओडिशा सरकार द्वारा जय स्तम्भ का निर्माण कराया गया है जिसमें क्रांतिकारियों के नाम उल्लेखित हैं ,जो मित्र उड़िया भाषा में लिखे शिलालेख का अनुवाद कर सकें ,तो अवश्य करें | जिन 17 सत्याग्रहियों के नाम दिए गएँ हैं उनमें से 4 साहू परिवार के हैं जी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे | मेरे परदादा चुहरी गाँव के किसान थे इसलिए बड़े बुजुर्ग उस घटना की जानकारी देते थे | 


चुन्नी लाल साहू खल्लारी's photo.
चुन्नी लाल साहू खल्लारी's photo.
चुन्नी लाल साहू खल्लारी's photo.
चुन्नी लाल साहू खल्लारी's photo.


मैंने आप सबको इसी स्मारक में 30 सितम्बर को एकत्रित होकर क्रान्ति दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया है जिसे अभी तक लगभग 100 मित्र स्वीकार कर चुके हैं | मुझे उम्मीद है कम से कम 500 युवा साथियों का जमावड़ा होगा |